शिवना प्रकाशन शॉप नं: 3-4-5-6 पी.सी. लैब सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट बस स्टैंड के सामने सीहोर ( मध्य प्रदेश ) 466001 दूरभाष 07562-405545 दूरभाष 07562-695918 मोबाइल 09806162184 मेल : shivna.prakashan@gmail.com
शिवना प्रकाशन द्वारा शाम आयोजित पुण्य स्मरण संध्या में स्व. जनार्दन शर्मा, स्व. नारायण कासट, स्व. अबादत्त भारतीय, स्व. ऋषभ गांधी, स्व. कैलाश गुरू स्वामी, स्व. कृष्ण हरि पचौरी, स्व. मोहन राय तथा स्व. रमेश हठीला को काव्यांजलि अर्पित की गई। इस पुण्य स्मरण संध्या में स्व. बाबा अबादत्त भारतीय स्मृति शिवना सम्मान श्रीमती स्वाति तिवारी को, जनार्दन शर्मा स्मृति शिवना सम्मान श्री म्मोहन सगोरिया को, स्व. रमेश हठीला शिवना सम्मान शायरा श्रीमती इस्मत ज़ैदी को तथा स्व. मोहन राय स्मृति शिवना समान श्री रियाज़ मोहाद रियाज़ को प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी की सचिव श्रीमती नुसरत मेहदी ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में नगरपालिका अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में इछावर के विधायक श्री शैलेन्द्र पटेल उपस्थित थे। दीप प्रज्जवलन तथा दिवंगत साहित्यकारों, पत्रकारों को अतिथियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बी बी एस क्लब की ओर से वसंत दासवानी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर सभी अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात शिवना प्रकाशन द्वारा साहित्यकारों को समानित किया गया। अतिथियों ने स्व. बाबा अबादत्त भारतीय स्मृति शिवना सम्मान जानी मानी कथाकारा श्रीमती स्वाति तिवारी को, जनार्दन शर्मा स्मृति शिवना सम्मान सुप्रसिद्ध कवि श्री मोहन सगोरिया को, स्व. रमेश हठीला शिवना सम्मान वरिष्ठ शायरा श्रीमती इस्मत ज़ैदी को तथा स्व. मोहन राय स्मृति शिवना सम्मान सीहोर के ही वरिष्ठ शायर श्री रियाज़ मोहाद रियाज़ को प्रदान किया गया। सभी को शॉल श्रीफल समान पत्र तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर ये समान प्रदान किये गये। इस अवसर पर शिवना प्रकाशन की आठ पुस्तकों, मुकेश दुबे के तीन उपन्यासों ‘क़तरा-क़तरा ज़िंदगी’, ‘रंग ज़िंदगी के’ तथा ‘कड़ी धूप का सफ़र’, नुसरत मेहदी के उर्दू ग़ज़ल संग्रह ‘घर आने को है’, अमेरिका की कवयित्री सुधा ओम ढींगरा के काव्य संग्रह ‘सरकती परछाइयाँ’, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक श्री आनंद पचौरी के काव्य संग्रह ‘चलो लौट चलें’ तथा मुबई की कवयित्री मधु अरोड़ा के काव्य संग्रह ‘तितलियों को उड़ते देखा है’, हिन्दी चेतना ग्रंथमाला ‘नई सदी का कथा समय’ का विमोचन किया गया। समान समारोह के पश्चात कवि समेलन में समानित तथा आमंत्रित कवियों ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया। स्वाति तिवारी, मोहन सगोरिया, इस्मत ज़ैदी, नुसरत मेहदी, तिलकराज कपूर, रियाज़ मोहमद रियाज़, मुकेश दुबे, गौतम राजरिशी, हरिवल्लभ शर्मा तथा वंदना अवस्थी दुबे ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ कर दिवंगत साहित्यकारों को काव्यांजलि प्रदान की। कार्यक्रम में बड़ी संया में शहर के सुधि श्रोता, पत्रकार एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे। अंत में आभार शैलेश तिवारी ने व्यक्त किया।
कथाकार कवयित्री सुधा ओम ढींगरा के शिवना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित कविता संग्रह सरकती परछाइयां का विमोचन हिन्दी चेतना अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में स्कारबरो सिविक सेण्टर, ओण्टेरियो कैनेडा में हुआ। वरिष्ठ कथाकार श्री महेश कटारे, प्रवासी कथाकारा डॉ.सुदर्शन प्रियदर्शिनी, श्री जो ली (काउन्सलर- मार्ख़म), भारत के काउन्सलेट जनरल श्री अखिलेश मिश्रा, हिन्दी चेतना के मुख्य सम्पादक श्री श्याम त्रिपाठी ने सकरती परछाइयां का विमोचन किया। पुस्तक तथा लेखिका का परिचय कहानीकार पंकज सुबीर ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ सुधा ओम ढींगरा ने कहा कि इस संग्रह की कविताएं कुछ अलग तरह की कविताएं हैं तथा आशा है कि पाठक इन कविताओं को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि कविता लिखना उनके लिए अपने आप से ही पहचान करने का एक जरिया रहा है। कविताएं अपने आप से संवाद स्थापित करने का तरीका है। पिछला कविता संग्रह धूप से रूठी चांदनी जिस प्रकार पाठकों ने पसंद किया था उसी से उत्साहित होकर इस संग्रह की भूमिका बनी। विमोचन के अवसर पर एक कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया । वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर काम्बोज हिमांशु की अध्यक्षता में आयोजित कवि सम्मेलन में सुदर्शन प्रियदर्शिनी, पंकज सुबीर, अभिनव शुक्ल, धर्मपाल जैन, राज माहेश्वरी, शैलजा सक्सेना, शैल शर्मा, दीप्ति कुमार, सुधा ओम ढींगरा तथा श्याम त्रिपाठी ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन का संचालन अभिनव शुक्ल ने किया । इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिन्दी प्रेमी और साहित्यकार उपस्थित थे ।
सरकती परछाइयां ( कविता संग्रह) डॉ. सुधा ओम ढींगरा
पृष्ठ 120, मूल्य 150 रुपये, वर्ष 2014
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चुनाव हो जाने के बाद चुनावों के बारे में पढ़ना रोचक भी होता है और ज्ञान वर्द्धक भी । दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र हमारा देश है जहां इतने आराम से सत्ता परिवर्तन हो जाते हैं जिस पर दुनिया चकित रह जाती है। मैंने पुस्तक को देखा है और उसमें कई कई ऐसी बातें भी हैं जिन्हें हम भी चुनाव के बाद भूल जाते हैं ।
चुनाव के दौरान जनता, नेता और कार्यकर्ता क्या क्या करते हैं इस पर ब्रजेश राजपूत ने बहुत सुंदर तरीके से लिखा है। यह एक जरूरी पुस्तक है हमको भी बहुत कुछ सीखने मिलेगा इस पुस्तक से और अपने आप को देखने का भी अवसर मिलेगा । ब्रजेश जी को पुस्तक लिखने हेतु साधुवाद तथा शिवना प्रकाशन को बहुत धन्यवाद जिन्होंने मध्यप्रदेश को जानने के लिये एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक का प्रकाशन किया।
उक्त उद्गार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिवना प्रकाशन द्वारा आयोजित वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश राजपूत की पुस्तक चुनाव, राजनीति और रिपोर्टिंग के विमोचन समारोह के अवसर पर व्यक्त किये।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरजाशंकर एवं मीडिया समीक्षक श्री मुकेश कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गलगोतिया विश्वविद्यालय के डीन प्रो. प्रदीप कृष्णात्रै ने की ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत प्रकाशन की ओर से पंकज सुबीर, श्रवण मावई, सनी गोस्वामी तथा शहरयार खान ने किया।
ब्रजेश राजपूत की पुस्तक पर बोलते हुए श्री मुकेश कुमार ने कहा कि ब्रजेश राजपूत ने पुस्तक को जिस प्रकार सारी जानकारियों को समेटते हुए लिखा है वह पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिये बहुत उपयोगी साबित होगी। श्री गिरजाशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि कोई चुनाव लड़ता है कोई लड़वाता है कोई वोट डालता है और कोई इन सबको देखता है लेकिन चुनाव को पढ़ना भी एक अनुभव है और इस किताब में हम चुनाव को पढ़ेंगे। ब्रजेश राजपूत की ये पुस्तक एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
तत्पश्चात अतिथियों ने मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव 2013 पर लिखी गई ब्रजेश राजपूत की पुस्तक का विमोचन किया।
प्रकाशन पंकज सुबीर ने लेखक ब्रजेश राजपूत को प्रकाशन की ओर से सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो प्रदीप कृष्णात्रै ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि 2013 के चुनाव पर 2014 में ही पुस्तक आ जाना और इतनी अच्छी पुस्तक का आ जाना एक महत्त्वपूर्ण घटना है। ब्रजेश राजपूत ने बहुत मेहनत से और पूरी रोचकता के साथ पुस्तक को लिखा है।
ब्रजेश राजपूत ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि टीवी का पत्रकार बहुत अस्त व्यस्त जीवन जीता है, उसके लिये कोई पुस्तक लिख लेना और समय से लिख लेना बहुत मुश्किल होता है। पत्रकार को पता ही नहीं होता कि उसे अगले ही दिन कहाँ जाना है।
मेरे लिये पुस्तक को लिखते समय यही बड़ी चुनौती थी। 2013 के चुनाव बड़े रोचक चुनाव थे, जिस प्रकार प्रचार हुआ पहली बार सोशल मीडिया का व्यापक प्रयोग हुआ उस सबके चलते ही ये पुस्तक लिखने के बारे में मैंने सोचा। आज जब ये पुस्तक आ गई है तो मेरे लिये ये विशेष दिन है, इसलिये भी कि मुख्यमंत्री ने इसके विमोचन के लिये समय दिया।
कार्यकम के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न के रूप में शिवना प्रकाशन की पुस्तकों का सेट सीहोर के पत्रकार श्रवण मावई ने भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने स्मृति चिह्न के रूप में पुस्तकें देने की विशेष रूप से सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन पंकज सुबीर ने किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार उपस्थित थे।