शिवना साहित्यिकी का वर्ष : 6, अंक : 21, त्रैमासिक : अप्रैल-जून 2021 अंक

मित्रों, संरक्षक एवं सलाहकार संपादक, सुधा ओम ढींगरा, प्रबंध संपादक नीरज गोस्वामी, संपादक पंकज सुबीर, कार्यकारी संपादक, शहरयार, सह संपादक शैलेन्द्र शरण, पारुल सिंह के संपादन में शिवना साहित्यिकी का वर्ष : 6, अंक : 21, त्रैमासिक : अप्रैल-जून 2021 अंक अब उपलब्ध है। इस अंक में शामिल हैं- आवरण कविता / मदन कश्यप। आवरण चित्र / राजेन्द्र शर्मा। संपादकीय / शहरयार। व्यंग्य चित्र / काजल कुमार।
पुस्तक समीक्षा-
अपेक्षाओं के बियाबान (कहानी संग्रह) दीपक गिरकर / डॉ. निधि अग्रवाल, मीडिया का मायाजाल (पत्रकारिता) प्रेम कुमार / डॉ. मुकेश कुमार, मेरी प्रिय कविताएँ (कविता संकलन) प्रो. अवध किशोर प्रसाद / अनिरुद्ध प्रसाद विमल, अब ख्वाब नए हैं (कविता संग्रह) डॉ. नीलोत्पल रमेश / अनिता रश्मि, कठपुतलियाँ जाग रही हैं (कविता संग्रह) मनीष वैद्य / श्रीराम दवे, प्रेम (कहानी संग्रह) प्रो. अवध किशोर प्रसाद / पंकज सुबीर, ठौर (कहानी संग्रह) विजय पुष्पम / दिव्या शुक्ला, खारा पानी (कहानी संग्रह) गोविंद सेन / आशा पांडेय, गली हसनपुरा (उपन्यास) हरिराम मीणा / रजनी मोरवाल, अँगूठे पर वसीयत (उपन्यास) रमेश शर्मा / शोभनाथ शुक्ल, माफ करना यार (संस्मरण) राकेश शर्मा / बलराम, बिना मतलब (कहानी संग्रह) संदीप वर्मा / राजासिंह, वे रचना कुमारी को नहीं जानते (व्यंग्य संग्रह) कमलेश पाण्डेय / शांति लाल जैन, तीस पार की नदियाँ (कविता संग्रह) डॉ. नीलोत्पल रमेश / सत्या शर्मा 'कीर्ति', धूप में नंगे पाँव (संस्मरण) योगेन्द्र शर्मा / स्वयं प्रकाश, सुरंग में लड़की (कविता संग्रह) , हरिराम मीणा / राजेन्द्र नागदेव, जूता ज़िंदाबाद (कविता संग्रह) डॉ. मक्खन मुरादाबादी / अशोक अंजुम, फाँसी बाग (उपन्यास) राकेश भारतीय / नरेन्द्र नागदेव, सुन रहा हूँ इस वक्त  (कविता संग्रह) अश्विनीकुमार दुबे / सतीश कुमार सिंह, चाय की विश्व यात्रा (निबंध), आराधना झा श्रीवास्तव / कादंबरी मेहरा, दस कुंवारियों का दृष्टांत (नाटक संग्रह)
माटिन जॉन / कुमार संजय, खुलती रस्सियों के सपने (कविता संग्रह) अमरेंद्र मिश्र / राग रंजन।
केंद्र में पुस्तक-
खिड़कियों से झाँकती आँखें (कहानी संग्रह) अशोक प्रियदर्शी, डॉ. मधु संधु
सुधा ओम ढींगरा, रिश्ते (कहानी संग्रह) दीपक गिरकर, प्रो. अवध किशोर प्रसाद
पंकज सुबीर।
नई पुस्तक दृश्य से अदृश्य का सफ़र (उपन्यास) / सुधा ओम ढींगरा, गीली पाँक (कहानी संग्रह) / उषाकिरण खान, बर्फ़ के फूल (जया जादवानी की प्रेम कहानियाँ) संपादक : मनीषा कुलश्रेष्ठ, कहिये मंज़िल से इंतज़ार करे (उपन्यास)/ गजेन्द्र सिंह वर्धमान, ओ मारिया पिताशे (यात्रा संस्मरण) / प्रतिभा अधिकारी, इक्कीस फेरों का फ़रेब (उपन्यास) / सुनीता पाठक, यही तो इश्क़ है (ग़ज़ल संग्रह) / पंकज सुबीर, मन कस्तूरी रे (उपन्यास) / अंजू शर्मा, सरहदों के पार दरख़्तों के साये में (कविता संग्रह)/रेखा भाटिया, कुहासा छँट गया (कहानी संग्रह) / ममता त्यागी, फ़ैमिली बिज़नेस की सच्चाइयाँ (​प्रबंधन) लेखक : हेनरी हॅचेसन / अनुवाद : इंज़ी. राजेन्द्र जैन, कोई ख़ुशबू उदास करती है (कहानी संग्रह) / नीलिमा शर्मा, अपनी सी रंग दीन्हीं रे (कहानी संग्रह) / सपना सिंह, शह और मात (कहानी संग्रह) / मंजुश्री, कुम्हलाई कलियाँ (कहानी संकलन) / सीमा शर्मा, हाशिये का हक़ (साझा उपन्यास) / नीलिमा शर्मा, डॉ. रंजना जायसवाल,  डॉ. गीता द्विवेदी, डॉ. जया आनंद, बहती हो तुम नदी निरंतर (गीत संग्रह) / श्याम सुंदर तिवारी, हरे स्कर्ट वाले पेड़ों के तले (कहानी संग्रह) / नीलम कुलश्रेष्ठ, कब तक माफ़ करेगी अम्मा (कविता संग्रह) / नीरज पाराशर, द= देह, दरद और दिल (कहानी संग्रह) / विभा रानी।
उपन्यास अंश - सीतायन (बांग्ला उपन्यास) मल्लिका सेनगुप्ता, अनुवाद : सुशील कान्ति डिज़ायनिंग सनी गोस्वामी, सुनील पेरवाल, शिवम गोस्वामी। आपकी प्रतिक्रियाओं का संपादक मंडल को इंतज़ार रहेगा। पत्रिका का प्रिंट संस्करण भी समय पर आपके हाथों में होगा।
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वैश्विक हिन्दी चिंतन की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका विभोम-स्वर का वर्ष : 6, अंक : 21, अप्रैल-जून 2021 अंक

मित्रो, संरक्षक तथा प्रमुख संपादक सुधा ओम ढींगरा एवं संपादक पंकज सुबीर के संपादन में वैश्विक हिन्दी चिंतन की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका विभोम-स्वर का वर्ष : 6, अंक : 21, अप्रैल-जून 2021 अंक अब उपलब्ध है। इस अंक में शामिल हैं- संपादकीय, विस्मृति के द्वार - धीरे-रे खुलें किवाड़, उषा प्रियम्वदा, कथा कहानी- भ्रम- कविता वर्मा, पानी की परत- चौधरी मदन मोहन समर, छतरी- सुमन कुमार घई, मास्टरनी का जादूमंतर- इला सिंह, चिन्ना वीदू- विनीता शुक्ला, अनछुआ- अंशु जौहरी, फटा हुआ बस्ता- डॉ. रमाकांत शर्मा। लघुकथा - पाव रोटी- किसलय पंचोली, जुण- उपहार- सुनील गज्जाणी। भाषांतर- क़ब्ज़ा कर लिया गया मकान - लातिन अमेरिकी कहानी, जूलियो कोर्टाज़ार- अनुवाद : सुशांत सुप्रिय। लिप्यांतरण- लघुकथाएँ - मूल : डॉ. अशफाक़ अहमद, अनुवाद: सेवक नैयर। आलेख- जनसंचार का बदलता परिदृश्य- नंद भारद्वाज। व्यंग्य- ख़ाली स्थान की सुरंगों से- धर्मपाल महेंद्र जैन, शादी-ब्याह की नेटवर्किंग में जनवासा क्वारिण्टीन - डॉ. रंजना जायसवाल। पहली कहानी- मेरा नाम सुहानी है...- जुगेश कुमार गुप्ता। शहरों की रूह- मन के कैमरे में कैद बीजिंग (चीन) - शशि पाधा। संस्मरण- 'भिट्ट' जाने का वह सुख- कृष्णकुमार 'आशु'। यादों के झरोखे से- चश्मे की खोज- डॉ. अफ़रोज़ ताज। दोहे- जय चक्रवर्ती। ग़ज़ल- अशोक अंजुम। कविताएँ- अरुण सातले, नरेश अग्रवाल, शैलेन्द्र चौहान, अनुजीत इकबाल, कमलेश कमल, रश्मि प्रभा। आख़िरी पन्ना 82 आवरण चित्र- राजेंद्र शर्मा, रेखाचित्र - रोहित प्रसाद, डिज़ायनिंग सनी गोस्वामी, शहरयार अमजद ख़ान, सुनील पेरवाल, शिवम गोस्वामी, आपकी प्रतिक्रियाओं का संपादक मंडल को इंतज़ार रहेगा। पत्रिका का प्रिंट संस्क़रण भी समय पर आपके हाथों में होगा।

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शिवना की नई पुस्तक यही तो इश्क़ है

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शिवना साहित्यिकी का वर्ष : 5, अंक : 20, त्रैमासिक : जनवरी-मार्च 2021 अंक

मित्रों, संरक्षक एवं सलाहकार संपादक, सुधा ओम ढींगरा, प्रबंध संपादक नीरज गोस्वामी, संपादक पंकज सुबीर, कार्यकारी संपादक, शहरयार, सह संपादक शैलेन्द्र शरण, पारुल सिंह के संपादन में शिवना साहित्यिकी का वर्ष : 5, अंक : 20, त्रैमासिक : जनवरी-मार्च 2021 अंक अब उपलब्ध है। इस अंक में शामिल हैं- आवरण कविता / भगवत रावत, आवरण चित्र / पंकज सुबीर, संपादकीय / शहरयार,  व्यंग्य चित्र / काजल कुमार । पुस्तक समीक्षा- निमुँहा गाँव (कहानी संग्रह), डॉ. नीलोत्पल रमेश / जयनंदन, डांग (उपन्यास), नंद भारद्वाज / हरिराम मीणा, वैश्विक प्रेम कहानियाँ (कहानी संकलन)- दीपक गिरकर / सुधा ओम ढींगरा, भूरी आँखें घुँघराले बाल (कहानी संग्रह)- रमेश शर्मा / अनुपमा तिवाड़ी, स्ट्राइक 2.0 (व्यंग्य संग्रह)- कैलाश मण्डलेकर / राजशेखर चौबे, कोरोना काल की दंश कथाएँ (निबंध संग्रह)- दीपक गिरकर / अजय बोकिल, साक्षात्कारों के आईने में (साक्षात्कार संग्रह)- दीपक गिरकर / डॉ. रेनू यादव, हिन्दी साहित्य और सिनेमा : रूपांतरण के आयाम (आलोचना)- अनिल गोयल / डॉ. विजय कुमार मिश्र, खिड़कियों से झाँकती आँखें (कहानी संग्रह)- भारती पाठक / सुधा ओम ढींगरा, मेरे गाँव का पोखरा (कविता संग्रह)- नीरज नीर / डॉ. नीलोत्पल रमेश, माँ के लिये (कविता संग्रह)- पूनम मनु / हेमधर शर्मा, सच कुछ और था (कहानी संग्रह)- मधूलिका श्रीवास्तव / सुधा ओम ढींगरा, समस्या का पंजीकरण व अन्य व्यंग्य (व्यंग्य संग्रह)- कैलाश मंडलेकर / विवेक रंजन श्रीवास्तव, प्रेम में पड़े रहना (कविता संग्रह)- डॉ. नीलोत्पल रमेश / रंजीता सिंह फलक, कविता का जनपक्ष (आलोचना)- रमेश खत्री  / शैलेंद्र चौहान, सिर्फ़ स्थगित होते हैं युद्ध (कविता संग्रह)- डॉ. शशिप्रभा / प्रभा मुजुमदार। केन्द्र में पुस्तक- अटकन-चटकन (उपन्यास)- डॉ. ज्योतिष जोशी, राजीव तनेजा, सलिल वर्मा, डॉ. अभिलाषा द्विवेदी / वंदना अवस्थी दुबे, प्रेम (कहानी संग्रह)- दीपक गिरकर, डॉ. सीमा शर्मा, मीरा गोयल / पंकज सुबीर 51। पुस्तक चर्चा- वो 17 दिन (पत्रकारिता)- राजेश बादल / ब्रजेश राजपूत, शब्द गूँज (कविता संग्रह)- रमाकांत नीलकंठ / अरुण सातले, मैं किन सपनों की बात करूँ (नवगीत संग्रह)- श्रीराम परिहार / श्याम सुन्दर तिवारी, काग भुसण्ड (व्यंग्य उपन्यास)- अंजू शर्मा / राजीव तनेजा, नज़रबट्टू (कहानी संग्रह)- निधि प्रीतेश जैन / ज्योति जैन,
कासे कहूँ (कविता संग्रह)- पंकज त्रिवेदी / विश्व मोहन, पंचामृत (संस्मरण)- अमिताभ मिश्र / अश्विनी कुमार दुबे, नक्कारख़ाने की उम्मीदें (कविता संग्रह)- पुरुषोत्तम दुबे / संतोष सुपेकर, जाएँ तो जाएँ कहाँ (कहानी संग्रह)- डॉ. श्रद्धा श्रीवास्तव / सागर सियालकोटी। नई पुस्तक - पंकज सुबीर की कहानियों का समाजशास्त्रीय अध्ययन (शोध)- दिनेश कुमार पाल, अपराजिता (उपन्यास)- श्रद्धा जोशी, समकालीनों से संवाद (साक्षात्कार, संस्मरण)- विजय बहादुर सिंह, एक कम साठ राजुरकर राज (जीवनी)- रामराव वामनकर, मीडिया का मायाजाल (पत्रकारिता)- लेखक : डॉ. मुकेश कुमार, रिश्ते (कहानी संग्रह)- पंकज सुबीर। शोध- सारांश- स्त्री पाठ : दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता- (पंकज सुबीर की कहानी 'दो एकांत')- दिनेश कुमार पाल। एकाग्र- नैसर्गिक करुणा, आक्रोश, इंकार और मनुष्यतापूर्ण ज़िद की कलम: राकेश कबीर- भरत प्रसाद। डिज़ायनिंग सनी गोस्वामी, सुनील पेरवाल, शिवम गोस्वामी। आपकी प्रतिक्रियाओं का संपादक मंडल को इंतज़ार रहेगा। पत्रिका का प्रिंट संस्करण भी समय पर आपके हाथों में होगा।
ऑन लाइन पढ़ें-    
https://www.slideshare.net/shivnaprakashan/shivna-sahityiki-january-march-2021
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वैश्विक हिन्दी चिंतन की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका के वर्ष : 5, अंक : 20, त्रैमासिक : जनवरी-मार्च 2021 अंक

मित्रो, संरक्षक तथा प्रमुख संपादक सुधा ओम ढींगरा एवं संपादक पंकज सुबीर के संपादन में वैश्विक हिन्दी चिंतन की अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका के वर्ष : 5, अंक : 20, त्रैमासिक : जनवरी-मार्च 2021 अंक का वेब संस्करण अब उपलब्ध है। इस अंक में शामिल हैं-  संपादकीय, कथा कहानी - जहाँ हवाओं की पीठ पर छाले हैं!! - अनघ शर्मा, सपने का वादा - पुष्पा सक्सेना, देहरी छुड़ाई - रमेश खत्री, अनकहा कुछ - अरुणा सब्बरवाल, मन का कोना - नीलिमा शर्मा, मुझे विपुला नहीं बनना - अभिज्ञात, महकती मुहब्बतों के मौसम - डॉ. गरिमा संजय दुबे, घायल पंखों की उड़ान - अर्चना मिश्र, चन्नर के बहाने से - विनय कुमार, यही ठीक होगा - डॉ. अनिता चौहान, फूलों के आलते में रेत की दीवार - डॉ. उपमा शर्मा। लघुकथाएँ - मधुर मिलन - डॉ. पुष्पलता, महिलाओं का जुगाड़
मीरा गोयल, इतिहास - डॉ. वीरेंद्र कुमार भारद्वाज। भाषांतर - कैडिटे मकल  (जंगल की बेटी) - मलयालम कहानी - डॉ. अम्बिकासुतन मंडाग, अनुवाद-डॉ. षीणा ईप्पन। आलेख - रचना और आलोचना का आपसी रिश्ता- नंद भारद्वाज, हम शब्दों के ऋणी हैं- डॉ.शोभा जैन। व्यंग्य- एक भेंट मंत्री जी से - डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल, कैसे हो - बढ़िया हूँ- अखतर अली। शहरों की रूह - कलकत्ता उर्फ़ कोलकाता - पल्लवी त्रिवेदी, शार्लोट एक घरेलू मेट्रो सिटी - रेखा भाटिया। निबंध- आधी रात का चिंतन- डॉ. वंदना मुकेश। लिप्यांतरण - भूबल (उर्दू लघुकथा), नीलम अहमद बशीर, लिप्यांतरण- डॉ. अफ़रोज़ ताज। कविताएँ - वसंत सकरगाए, श्रीविलास सिंह, नरेंद्र नागदेव, अनामिका अनु, नमिता गुप्ता "मनसी"। ग़ज़ल- दीपक शर्मा 'दीप'। आख़िरी पन्ना। आवरण चित्र- वेदांश मिश्रा, रेखाचित्र - रोहित प्रसाद , डिज़ायनिंग सनी गोस्वामी,  शहरयार अमजद ख़ान,  सुनील पेरवाल, शिवम गोस्वामी, आपकी प्रतिक्रियाओं का संपादक मंडल को इंतज़ार रहेगा। पत्रिका का प्रिंट संस्क़रण भी समय पर आपके हाथों में होगा।
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