आसान अरूज़, ग़ज़ल के छंद विधान तथा तकनीकी जानकारी पर डॉ आज़म की लिखी एक मुकम्‍मल पुस्‍तक

बहुत दिनों से प्रकाशन इस प्रयास में था कि हिंदी में ग़ज़ल कह रहे ग़ज़लकारों के लिये देवनागरी में ही एक ऐसी पुस्‍तक हो जिसमें ग़ज़ल से संबंधित सम्‍पूर्ण तकनीकी जानकारी उपलब्‍ध हो । उर्दू में तो इस प्रकार की कई पुस्‍तकें हैं लेकिन हिंदी में कोई सम्‍पूर्ण पुस्‍तक नहीं है । इस काम को पूरा करने का बीड़ा उठाया हिंदी और उर्दू के साथ साथ ग़ज़ल पर समान अधिकार रखने वाले शायर डॉ आज़म ने । पुस्‍तक पर वे पिछले दो सालों से काम कर रहे थे । और होते होते ये पुस्‍तक अब एक मोटे ग्रंथ की शक्‍ल ले चुकी है । आसान अरूज़ के नाम से प्रकाशित ये पुस्‍तक हिंदी में ग़ज़ल कहने वालों के लिये एक मुकम्‍मल ग्रंथ है । जिसमें लगभग सारे  प्रश्‍नों के उत्‍तर मिल जाएंगे और वो भी आसान तरीके से । पुस्‍तक का प्रारंभ में सीमित संस्‍करण छापा जा रहा है । पुस्‍तक को मिलने वाले प्रतिसाद के बाद और प्रकाशित किया जायेगा ।

पुस्‍तक की जानकारी

नाम - आसान अरूज़ ( ग़ज़ल का छंद विधान तथा तकनीकी जानकारी )

लेखक - डॉ. आज़म ( सुकून, आई-193, पंचवटी कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल, 426030, दूरभाष 09827531331)

मूल्‍य - 300 रुपये

पृष्‍ठ संख्‍या – 196 हार्ड बाउंड

ISBN -978-93-81520-02-4

प्रकाशक - शिवना प्रकाशन, पीसी लैब, सम्राट कॉम्‍प्‍लैक्‍स बेसमेंट, बस स्‍टैंड के सामने, सीहोर, म.प्र. 466001 दूरभाष 07562405545

aasan arooz lock

11 comments:

आशीष अनचिन्हार said...

प्रणाम,
मुझे यह पुस्तक चाहिये। मेरा पता यह है...
Ashish Anchinhar
C/o, ABC INDIA LIMITED
L-81, 3RD FLOOR, MAHIPALPUR EXT. NEW DELHI-110037
MOBILE NO. 09958469040

पुस्तक मूल्य कैसे दिया जाये यह बतायें।

वीनस केसरी said...

वाह बहुप्रतीक्षित पुस्तक को साकार देख आकर मन प्रसन्न हो गया

डॉ. आज़म साहब और शिवना टीम को हार्दिक बधाई

Saurabh said...

इस तरह की कोई कोशिश नवोदितों का ज्ञानवर्द्धन हेतु के मार्ग तो प्रशस्त करती ही है, उनके उत्साहवर्द्धन का कार्य करती है.

डा. आज़म साहब को इस महती क्रियान्वयन हेतु आभार ज्ञापित करते हुए शिवना प्रकाशन को इस पुस्तक को प्रकाश में लाने के लिये कोटि-कोटि धन्यवाद प्रेषित है.

--सौरभ पाण्डेय, नैनी, इलाहाबाद (उप्र)

दिगम्बर नासवा said...

इससे से बेहतर तो कोई बात हो ही नहीं सकती ...
जो भी हो मेरी कापी तो आप अभी से सुरक्षित रख लें ...
बेंक का पता तो लिख दें जिससे पैसा जमा किया जा सके ... मुझे तो दुबई के पते पर चाहिए होगी ये किताब तो खर्च के साथ बताना पड़ेगा शिवना प्रकाशन वालों कों ...

तिलक राज कपूर said...

जल्‍दी ही कोई डकैत या लठैत भेजता हूँ सिहोर। एक कॉपी स्‍टॉक में अवश्‍य रखें।

Anonymous said...

प्रणाम मास्साब,

सबसे पहले तहे-दिल से मुबारकबाद शिवना प्रकाशन एवं डॉ. आज़म साहेब को इस खूबसूरत पहल के लिए.
मुझे उम्मीद है यह पुस्तक हिंदी ग़ज़ल लिखने (सीखने) वालों के लिए मार्गदर्शक बनेगी.
कृपया पुस्तक हेतु शुल्क जमा करने का विवरण दें.

मैं मुंबई में रहता हूँ, जहाँ हिंदी खो सी गयी है समंदर के किनारे.
पुस्तकें मिलती नहीं या जो मिलती हैं वो सब काम(?) की होती हैं. मसलन- जीवन में सफल कैसे बने, महत्वाकांक्षी बने ... वगैरह वगैरह.
यदा कदा गुलज़ार की कुछ नज्मे, कुछ कहानियां मिल जाती हैं तो बच्चे सा लपक पड़ता हूँ.
अब ऐसे माहौल में कोई क्या सुने क्या कहे...
आपके और कुछ अन्य ब्लॉग्स से थोड़ी राहत मिलती है, कोशिश करता रहता हूँ कुछ सीखने, कहने की. अब अगर आज़म साहेब की ये पुस्तक मिल जाये तो कुछ और करार आये.

उम्मीद करता हूँ, पुस्तक को मेरे पते पर भेजने में आपको अधिक कष्ट नहीं होगा.
मेरा पता है:
अरविन्द कुमार,
अ-६०१, अभियंता को-ओपरेटिव सोसाइटी,
प्लाट- १५, सेक्टर- १५,
सानपाड़ा, नवी मुंबई
पिन- ४००७०५

शिक्षार्थी,
अरविन्द

Anonymous said...

प्रणाम मास्साब,

सबसे पहले तहे-दिल से मुबारकबाद शिवना प्रकाशन एवं डॉ. आज़म साहेब को इस खूबसूरत पहल के लिए.
मुझे उम्मीद है यह पुस्तक हिंदी ग़ज़ल लिखने (सीखने) वालों के लिए मार्गदर्शक बनेगी.
कृपया पुस्तक हेतु शुल्क जमा करने का विवरण दें.

मैं मुंबई में रहता हूँ, जहाँ हिंदी खो सी गयी है समंदर के किनारे.
पुस्तकें मिलती नहीं या जो मिलती हैं वो सब काम(?) की होती हैं. मसलन- जीवन में सफल कैसे बने, महत्वाकांक्षी बने ... वगैरह वगैरह.
यदा कदा गुलज़ार की कुछ नज्मे, कुछ कहानियां मिल जाती हैं तो बच्चे सा लपक पड़ता हूँ.
अब ऐसे माहौल में कोई क्या सुने क्या कहे...
आपके और कुछ अन्य ब्लॉग्स से थोड़ी राहत मिलती है, कोशिश करता रहता हूँ कुछ सीखने, कहने की. अब अगर आज़म साहेब की ये पुस्तक मिल जाये तो कुछ और करार आये.

उम्मीद करता हूँ, पुस्तक को मेरे पते पर भेजने में आपको अधिक कष्ट नहीं होगा.
मेरा पता है:
अरविन्द कुमार,
अ-६०१, अभियंता को-ओपरेटिव सोसाइटी,
प्लाट- १५, सेक्टर- १५,
सानपाड़ा, नवी मुंबई
पिन- ४००७०५

शिक्षार्थी,
अरविन्द

Dr. Sudha Om Dhingra said...

आज़म जी और शिवना प्रकाशन को बधाई एवं शुभकामनाएँ !!!!

कंचन सिंह चौहान said...

आज़म जी को बहुत बहुत बधाई...

किताब का विमोचन कब हो रहा है ?

निर्मला कपिला said...

डा. आज़म जी को बहुत बहुत बहुत बधाई विमोचन होते ही मुझे वी वी पी से पुस्तक भेजें कृ्पा होगी। धन्यवाद।

Reetesh said...

मुझे भी यह पुस्तक चाहिए...कृपया जल्द से जल्द भेजें और बताएं कि इसका मूल्य कैसे चुकाएं;)
REETESH KHARE
MUMBAI
9324751267
khare.reetesh@gmail.com
reetesh.khare@rediffmail.com

C-304, Rushabh Apartments,
Madhuvan Township, Gokhiware
Vasai(E), Thane 401208
Maharashtra